सूरत में मानव तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश : दिल्ली और राजस्थान पुलिस ने 125 बच्चों को मुक्त करवाया

सूरत. राजस्थान और गुजरात-राजस्थान की सीमा के गांवो से मानव तस्करी कर बच्चों को सूरत लाने के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली, राजस्थान और सूरत पुलिस ने मिलकर रविवार सुबह सूरत के पूणा इलाके में कार्रवाई करते हुए बाल मजदूरी के लिए लाए गए 125 से अधिक बच्चों को मुक्त करवाया। इन बच्चों से टैक्सटाइल उद्योग में मजदूरी करवाई जा रही थी।


राजस्थान स्टेट कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स तथा बचपन बचाओ आंदोलन को सूचना मिली थी कि राजस्थान तथा राजस्थान-गुजरात की सीमा के गांवों से मानव तस्करी कर बच्चों सूरत लाया जा रहा है। इनमें से कई बच्चों से पूणा क्षेत्र की विभिन्न सोसायटियों में मजदूरी करवाई जा रही है। सूचना के आधार पर रविवार सुबह दिल्ली पुलिस, सेंट्रल आइबी की टीम, राजस्थान तथा सूरत पुलिस और एनजीओ के पदाधिकारियों ने मिलकर पूणा की सीतामार सोसायटी, हरिधाम सोसायटी और विवेकानंद सोसायटी में छापा मार कर बाल मजदूरी के लिए लाए गए 125 बच्चों को मुक्त करवाया। पुलिस ने बच्चों से मजदूरी करवाने वाले कुछ लोग और दलालों को भी हिरासत में लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इन बच्चों से साडिय़ां तथा ड्रेस मटेरियल्स पर वेल्यू एडिशन का काम करवाया जाता था। सभी बच्चों की उम्र 10 से 16 वर्ष के बीच की है। उन्हें अब राजस्थान ले जाया जाएगा।

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